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संघ इतिहास - पिंपरी चिंचवड के औदयोगिक क्षेत्र मे १९७० के दशकसे व्यवसाय तथा नोकरी निमित्त अहमदनगर तथा पडोस की जिल्होसे जैन भाई आकुर्डी निगडी प्राधिकरण मे स्थापित होने लगे, प्रबल धर्म भावना के वजहसे उस वक्तके जैन भाईयोंने स्थानक भवन निर्माण का स्वप्न देखते हुवे परिश्रम करना चालु किया और भगवान महावीर स्वामी के असीम कृपासे मोतीलालजी सलेराजजी तालेरा परिवार पूना निवासी ने आकुर्डी स्थित विवेकनगर मे भूमी समाज को स्थानक के लीये दान की, फिर सभी जैन भाई तथा बहनो ने अथक परिश्रमसे १९८६ मे स्थानक भवन का निर्माण किया, संघ के परम सौभाग्यसे दि. १३ दिसंबर १९८६ को जैन धर्म दिवाकर, आचार्य सम्राट  १००८ प. पु श्री. आनंद ऋषीजी म. सा इनके सानिध्यमे स्थानक भवन का उदघाटन हुवा।

सौभाग्यवश स्थानक भवन पूना मुंबई रोड से नजदीक होने के कारण विहार काल तथा हमेशा सभी साधु तथा सतीयाजिंका सानिध्य हमेश प्राप्त हो रहा है, संघने पूर्ण सेवाभावसे संत सेवा का लाभ लिया तथा संघ का संतो के प्रति उचकोटी की सेवा प्रदान करने का प्रयास निरंतर चल रहा है.

तत्कालीन समय से श्रीमान कांतीलालजी मुथा, श्रीमान कांतीलालजी मुनोत, श्रीमान जयकुमारजी चोरडीया, श्री. नितीनजी बेदमुथा, श्रीमान विजयकुमारजी बलदोटा एवं श्रीमान संतोषजी कर्नावट जैसे विभूतीयोने तन मन धनसे संघअध्यक्षता की धुरा यशस्वता पूर्वक संभालते हुवे आपने आपने कार्यकाल मे संघ एकता को ध्यान मे राखकर संघ के प्रतिष्ठा को विशेष उच्चाई तक पाहूंचानेका काम किया.

संघ को सन १९८७ मे प. पू. श्री. अर्चनाश्रीजी म. सा. आदि ठाणा, सन १९९५ मे प. पू. श्री. सुनंदाजी म. सा. आदि ठाणा, सन २००२ मे वाणीभुषण प. पू. श्री. प्रीतीसुधाजी म. सा. आदि ठाणा, सन २००६ मे प. पू. श्री. शांताकुवरजी म. सा. आदि ठाणा, सन २०१२ मे प. पू. श्री. सुमनप्रभाजी म. सा. आदि ठाणा, सन २०१४ मे प. पू. श्री. सुयशाजी म. सा. आदि ठाणा तथा सन २०१५ मे प. पू. श्री. पंकजमुनिजी म. सा. आदि ठाणा के चातुर्मास तभीके संघाध्यक्षोके कार्यकाल मे सफलता पूर्वक बडे धुमधामसे पूर्ण किये.

संघके सौभाग्य से सन २०१५ मे प. पू. श्री. पंकजमुनिजी म. सा. आदी ठाणा के चातुर्मास समाप्ती पर संघ को प. पू. लोकेशमुनिजी की दिक्षा कराने का सुवर्ण अवसर प्राप्त हुआ, जिसे संघ ने बडी धुमधामसे भुतो न भविष्यतो तरिकेसे पूर्ण किया जीससे संघ का नाम देशभर मे रोशन हुवा.

कालानरुप लोक संख्या वृद्धी के कारण और संघ के वास्तु स्थानक भवन को ३३ वर्ष पूर्ण होणे पर अभी के विश्वस्त मंडलने स्थानक का नवनिर्माण कार्य बडे सुचरू रुपसे पूर्ण कर आज दि. १ मई २०१९ के पावन मुहूर्तपर श्रमण संघीय वरिष्ठ सलाहकार, तपस्वीरत्न, भीष्म पितामह, राजर्षि आराध्य गुरुदेव प. पू. श्री सुमतीप्रकाश जी म.सा. एवं नेपाल हिन्द गौरव, वाचनाचार्य, उपाध्याय डॉ. प. पू. श्री विशालमुनिजी म.सा. आदि ठाना१० तथा आगमवेत्ता प. पू. वैभवश्रीजी म. सा. 'आत्मा' आदि ठाणा ४., मधुर कंठी प. पू. महासाध्वी श्री. विभक्तीजी म. सा आदि ठाणा ३, तपचक्रेश्वरी तपसिद्धेश्वरी महासाध्वी प. पू. श्री. विभाश्रीजी म. सा आदि ठाणा २, उपप्रवर्तीनी प. पू. श्री. वंदनाजी म. सा आदि ठाणा २, ऐसे कुल २१ साधु साध्वीयोंके सानिध्यमे नूतनीकरण कृत स्थानक भवन का उदघाटन किया गया साथ साथ समय अनुसार संघने डिजिटलता की ओर एक कदम बढाकर सदस्योंको उच्चत्तम सुविधा प्रदान करणे हेतू इस वेबसाईट का निर्माण किया.